प्रशाद में जानवरों की चर्बी की बात गलत साबित हुई कलयुग के साक्षात भगवान के साथ महा अपराध : टीटीडी पूर्व अध्यक्ष

God of Kali Yuga

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आस्था का इस्तेमाल राजनीति के लिए किया जाना ब्रह्मांड के साथ पाप है जिनको मोक्ष मिलना असंभवशास्त्र कहता है 

(अर्थ प्रकाश / बोम्मा रेडड्डी )

तिरुपति : : (आंध्र प्रदेश ) 2 फरवरी: God of Kali Yuga:  तिरुमला तिरुपति देवस्थानम के पूर्व न्यास बोर्ड के अध्यक्ष . तथा पार्टी के राज्य प्रवक्ता और विधायक भूमना करुणाकर रेड्डी ने मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू पर तिरुमाला लड्डू मामले में तथ्यों को दबाकर और भगवान के प्रसाद मेंगाय की चर्बी और सूअर की चर्बी मिलने का झूठा प्रचार करके भक्तों की आस्था के साथ राजनीति स्वार्थ पाने करने का आरोप लगाया।                         

तिरुपति में आज .मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि NDDB (नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड )  और एनडीआरआई दोनों प्रयोगशालाओं की रिपोर्ट में साफ तौर पर कहा गया है कि घी के सैंपल में कोई जानवरों की चर्बी नहीं पाई गई, फिर भी Y.S. जगन मोहन रेड्डी, Y.V. सुब्बा रेड्डी और खुद उनकी तस्वीरों का इस्तेमाल करके फ्लेक्स बोर्ड, होर्डिंग और सोशल मीडिया पर गलत जानकारी का एक सुनियोजित अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें उन्हें "घी में मिलावट करने वाले अपराधी" बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह एक सोची-समझी ध्यान भटकाने की रणनीति है क्योंकि लोग झूठी कहानी पर विश्वास नहीं कर रहे हैं।

भूमना ने विपक्ष पार्टी के पूर्व मंत्री और अधिवक्ता अंबाती रामबाबू और योगी रमेश पूर्व मंत्री नेताओं के घरों पर हाल ही में दिनदहाड़े आगजनीतोड़फोड़पुलिस की उपस्थिति में हुए हमलों की कड़ी निंदा की, जिसमें अंबाती रामबाबू पर हमला और जोगी रमेश के घर पर पेट्रोल बम फेंकने की घटनाएं शामिल हैं,इसके पहले भी इस तरह की घटना हुईजिससे ना तो पुलिस न सरकार साकेत में ई न सुधरीइससे स्पष्ट होता है आगजनी वालीअराजकता फैलने वाली गठबंधन सरकारराज्य के जनता के दिमाग को में इनकी अराजकता याद रहेगी कहां  और इन्हें सीबीआई की जांच के नतीजों पर पर्दा डालने के लिए की गई हिंसा बताया। उन्होंने कहा कि सीबीआई तथा सीट की सप्लीमेंट्री चार्जशीट से यह साफ है कि मुख्य आरोपी भोले बाबा डेयरी (पहले हर्ष फ्रेश डेयरी) ने चंद्रबाबू नायडू के पिछले कार्यकाल में ही तिरुमला तिरुपति देवस्थानम को घी सप्लाई किया था और एक अन्य आरोपी, प्रीमियर डेयरी को ज्यादातर तेलुगु देशम पार्टी के कार्यकाल में सप्लाई के मौके मिले हीरो सप्लाई किया। उन्होंने सवाल किया कि क्या यह चंद्रबाबू ही नहीं थे जिन्होंने लड्डू प्रसाद में सार्वजनिक रूप से सुअर की चर्बी, बीफ की चर्बी और मछली के तेल का आरोप लगाकर भगवान वेंकटेश्वर की पवित्रता को नुकसान पहुंचाया।

उन्होंने आगे कहा कि सीट को मिलावट में तत्कालीन तिरुमला तिरुपति देवस्थानम बोर्ड नेतृत्व की कोई भूमिका नहीं मिली और संकेत दिया कि पिछले तेलुगु देशम पार्टी के शासनकाल से चले आ रहे कुछ तकनीकी  चंद्र बाबू के जाति बिरादरी अधिकारियों ने सप्लायरों के साथ मिलीभगत की थी। उन्होंने तेलुगु देसम पार्टी और सहयोगी मीडिया पर आरोप लगाया कि रिपोर्टों में जानवरों की चर्बी के दावों के गलत साबित होने के बाद वे अपनी कहानी बदल रहे हैं और यहां तक ​​कि केंद्रीय एजेंसियों पर भी सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जगन मोहन रेड्डी के शासनकाल दौरान  वास्तव में टेंडर के नियमों को सख्त किया था, NDDB (नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड ) से जुड़ी टेस्टिंग शुरू की थी और देसी गायों की नस्लों और वैज्ञानिक टेस्टिंग सिस्टम के माध्यम से घर में ही घी उत्पादन की दिशा में काम किया था।

भूमना ने सवाल किया कि सुप्रीम कोर्ट की निगरानी वाली जांच में कोई जानवरों की चर्बी न मिलने के बाद भी मुख्यमंत्री आरोप क्यों दोहराते रहे, और पूछा कि क्या जनता के गुस्से को भड़काना और वाईएसआर पार्टी नेताओं के खिलाफ दुश्मनी को बढ़ावा देना जिम्मेदार शासन है। उन्होंने कहा कि भगवान वेंकटेश्वर और पवित्र प्रसाद का राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करना लाखों भक्तों की भावनाओं को ठेस पहुंचाता है और यह नैतिक रूप से गलत है।  उन्होंने यह नतीजा निकाला कि लोग खुद तय करेंगे कि किसने सच में भगवान का इस्तेमाल राजनीति के लिए किया और चेतावनी दी कि राजनीतिक फायदे के लिए आस्था से कभी समझौता नहीं करना चाहिए।